ਧਰਨੇ ਤੇ ਬੈਠੇ ਸ਼ਹੀਦ ਦੀ ਪਤਨੀ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵਿਗੜੀ ,ਹਸਪਤਾਲ ਦਾਖਲ

ਧਰਨੇ ਤੇ ਬੈਠੇ ਸ਼ਹੀਦ ਦੀ ਪਤਨੀ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਹਾਲਤ ਵਿਗੜੀ

ਹਸਪਤਾਲ ਦਾਖਲ

ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਰਾਮਵੀਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਹਸਪਤਾਲ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਪੁਛਿਆ ਹਾਲ

Report : Harnek Mahal

Report : Harnek Mahal

From Patiala Punjab


ਬੀਤੇ 28 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਧਰਨੇ ਤੇ ਬੈਠੇ 1962 ਅਤੇ 1965 ਦੇ ਜੰਗੀ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਇਨਸਾਫ ਦਿਵਾਉਣ ਲਈ ਮਿੰਨੀ ਸਕੱਤਰੇਤ ਡੀ.ਸੀ. ਦਫਤਰ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ 11 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਧਰਨਾ ਦੇ ਰਹੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੂੰ ਜਲਦੀ ਹੀ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਣਦੇ ਹੱਕ ਦੇਣ ਦੇ ਵਾਅਦੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੀਤੀ 6 ਮਈ IMG-20160507-WA0047ਦੀ ਰਾਤ ਨੂੰ ਧਰਨੇ ਤੇ ਬੈਠੇ ਸ਼ਹੀਦ ਜੰਗੀਰ ਸਿੰਘ ਪਿੰਡ ਅਲੋਹਰਾ ਦੀ ਪਤਨੀ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਲਗਾਤਾਰ 28 ਦਿਨ ਧਰਨੇ ਤੇ ਬੈਠਣ ਕਰਕੇ ਰਾਤ ਬਿਮਾਰ ਅਤੇ ਉਲਟੀਆਂ ਲੱਗਣ ਕਰਕੇ ਅਮਰ ਹਸਪਤਾਲ ਪਟਿਆਲਾ ਦਾਖਲ ਕਰਵਾਇਆ। ਅੱਜ ਸ਼ਹੀਦ ਦੀ ਪਤਨੀ ਦੇ ਬਿਮਾਰ ਹੋਣ ਦਾ ਪਤਾ ਲੱਗਣ ਸਾਰ ਹੀ ਜਿਲਾ ਪਟਿਆਲਾ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਰਾਮਵੀਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨੇ ਅਮਰ ਹਸਪਤਾਲ ਪਹੁੰਚ ਕਿ ਸ਼ਹੀਦ ਜੰਗੀਰ ਸਿੰਘ ਦੀ ਪਤਨੀ ਸੁਰਜੀਤ ਕੌਰ ਦਾ ਹਾਲ ਚਾਲ ਪੁਛਿਆ ਅਤੇ ਡੀ.ਸੀ. ਰਾਮਵੀਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ 1962-1965 ਦੇ ਸ਼ਹੀਦ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਬਣਦਾ ਹੱਕ ਦਿਵਾਉਣ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਫਾਇਲਾਂ ਭੇਜੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ। ਨਿਊ ਪਟਿਆਲਾ ਵੈਲਫੇਅਰ ਕਲੱਬ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਰਵਿੰਦਰ ਕੁਮਾਰ ਕਾਕਾ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਬੀਤੇ 5 ਮਈ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਦੀ ਰਿਹਾਇਸ਼ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨਾਲ ਮੁਲਾਕਾਤ ਹੋਈ। ਬਾਦਲ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਆਪਣੇ ਪਿ੍ਰੰਸੀਪIMG-20160507-WA0046ਲ ਸੈਕਟਰੀ ਕਰਨਲ ਰਾਜੂ ਨੂੰ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦਾ ਸਾਰੇ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਰਿਕਾਰਡ ਫਾਇਲਾਂ ਮੰਗਵਾਕੇ ਜਲਦੀ ਹੀ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਦਾ ਬਣਦਾ ਹੱਕ ਦੇਣ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਕਲੱਬ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੇ ਆਪਣੀ ਕੀਮਤੀ ਜਾਨ ਦੇ ਕੇ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਆਜ਼ਾਦ ਕਰਵਾਇਆ ਹੈ ਪਰ ਇਤਿਹਾਸ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਹੋਇਆ ਹੈ ਕਿ 1962-1965 ਦੀਆਂ ਜੰਗਾਂ ਦੇ ਸ਼ਹੀਦਾ ਦੀਆਂ ਬਜੁਰਗ ਵਿਧਵਾਵਾਂ ਨੂੰ 28 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਆਪਣੇ ਬਣਦੇ ਹੱਕ ਲੈਣ ਲਈ ਦਿਨ ਰਾਤ ਧਰਨਾ ਦੇਣਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਗੁਰਸੇਵਕ ਸਿੰਘ, ਸੋਮਰਾਜ, ਮਾਤਾ ਬੰਤ ਕੌਰ, ਹਿਮਾਸ਼ੂ ਵਡੇਰਾ, ਹਰਨੇਕ ਮਹਿਲ ਪਟਿਆਲਾ, ਮੋਹਨ ਲਾਲ ਕੁੱਕੀ, ਕੁਨਾਲ ਆਦਿ ਸ਼ਾਮਲ ਸਨ।

कांग्रेस बताएं ? उसने किसानों की भलाई के लिए क्या किया : बीबी बादल

कांग्रेस बताएं ? उसने किसानों की भलाई के लिए क्या किया

: बीबी हरसिमरत कौर बादल

संगत दर्शन दौरान विभिन्न गांवों को विकास कार्यों के लिए दी करोड़ों रुपये की ग्रांटे

REPORT BY : RENU KOMAL

REPORT BY : RENU KOMAL

केंद्रीय फूड प्रौसेसिंग मंत्री भारत सरकार बीबी हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि कांग्रेस बताएं कि उसने पंजाब के किसानों की भलाई के लिए क्या किया। बीबी बादल ने कहा कि मानयोग मुख्यमंत्री पंजाब स. प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई वाली अकाली भाजपा सरकार ने पिछले 9 सालों के दौरान हमेशा ही पंजाब के किसानों को उंचा उठाने के लिए सहुलियतें प्रदान की है। 4433उन्होंने कहा कि चाहे मोटर के कनैक्शन हों या किसानों के बिजली के बिल माफ करने की सहुलियत हो, पंजाब सरकार हमेशा ही किसानों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी राज्य के लोगों के  पास इतनी सहुलियतें नहीं है जितनी पंजाब सरकार ने राज्य के निवासियों को प्रदान की है। उन्होंने कहा कि नरमे की फसल पर कई राज्यों में चिट्टी मक्खी का हमला हुआ था मगर किसानों की बाजू केवल पंजाब अकाली भाजपा सरकार ने पकड़ी तथा गिरदावरी करके किसानों को करीब 650 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने भगत पूर्ण सिंह बीमा योजना के तहत किसानों का 50 हजार रुपये तक का निशुल्क इलाज करवाने की सहुलियत प्रदान की है तथा इसके अलावा छोटे किसानों को 1 लाख रुपये का बिना व्याज का कर्जा भी देने की शुरुआत की है।

बीबी हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि स. प्रकाश सिंह बादल की बढिय़ा अगुवाई के चलते ही पंजाब सरकार की वार्षिक आमदन 5 हजार करोड़ से बढ़ कर 30 हजार करोड़ रुपये हुई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से राज्य की सडक़ों को 4 लेन तथा 6 लेन बनाया जा रहा है जिस के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए काफी कम समय लगेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी पंजाब मोहरी राज्यों में शामिल हो गया है।
बीबी हरसिमरत कौर बादल ने आज यहां गांव बीरेवाला डोगरा सहित चक्क अलीशेर से टोडरपुर, आंडियांवाली सहित रामगढ़ शाहपुरीया से भखडिय़ाल, दरीयापुर सहित कुलाणा तथा फुलूवाला डोड, रामगढ़ सहित बछोयाणा, बीरोके खुर्द व रल्ली तथा फुलूवाला डोगरा सहित रामनगर भठ्ठल तथा मल्ल सिंह वाला में गांव निवासियों की समस्याएं सुनी, वही अलग अलग गांवों को विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की ग्रांटे भी सौंपी।
इस मौके पर हलका विधायक बुढलाडा श्री चतिन्न सिंह समायो, डिप्टी कमिश्नर मानसा श्री वरिंदर कुमार शर्मा, एस.एस.पी श्री मुखविंदर सिंह भुल्लर, चेयरमैन जिला योजना कमेटी श्री प्रेम अरोड़ा, ओ.एस.डी. श्री मोहनीश कुमार, सहायक डिप्टी कमिश्नर श्री हरिंदर सिंह सरा, चेयरमैन मार्केट कमेटी बोहा श्री बल्लम सिंह कलीपुर, जिला प्रधान शिरोमणि अकाली दल (दिहाती) श्री गुरमेल सिंह फफड़े, पूर्व विधायक श्री हरबंत सिंह दातेवास, जिला प्रधान महिला विंग (शहरी) मैडम सिमरजीत कौर सिम्मी, मैडम चितवंत कौर समायो, प्रधान नगर पंचायत बोहा श्री जोगा सिंह, श्री मलकीत सिंह, श्री गुरदीप सिंह टोडरपुर, श्री जगसीर सिंह अक्कावाली, श्री कुलवंत सिंह तथा श्री बलविंदर सिंह भखडिय़ाल के अलावा अन्य गांववासी भी मौजूद थे।

पावरकाम का जूनियर इंजीनियर रिश्वत लेते गिरफ्तार

पावरकाम का जूनियर इंजीनियर रिश्वत लेते गिरफ्तार

REPORT : Parveen Komal

REPORT : Parveen Komal

विजीलैंस ब्यूरो, अमृतसर ने जूनियर इंजीनियर हरपिंदर सिंह सब डिवीजन पावरकाम लोपोके जिला अमृतसर को 5000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि सुखबीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह गांव लोपोके तहसील अजनाला जिला अमृतसर के घर का बिजली का मीटर लगा हुआ था जिस का महीना अक्तूबर-नवंबर का बिल 280 रुपये आया जो कि पिछले औसतन बिलों से बहुत कम था। उक्त के निवेदन पर बिजली मीटर विभाग की ओर से बदली करके नया मीटर लगा दिया गया। कुछ दिनों के बाद हीरा सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह निवासी गांव लोपोके जिला अमृतसर जो प्राइवेट तौर पर जे.ई हरपिंदर सिंह के पास काम करता था,  ने हरपिंदर सिंह को देने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता हीरा सिंह द्वारा जे.ई हरपिंदर सिंह को मिला तथा दोबारा 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग दोहराई तथा कहा कि रिश्वत न देने की सूरत में उतारे हुए मीटर में टैपरिंग करके लैब में चैकिंग के लिए भेज कर बहुत अधिक जुर्माना डाल दिया जाएगा। शिकायतकर्ता ने 5 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर देने के बाद बाकी 5 हजार रुपये देने का झूठा वायदा करके आ गया तथा रिश्वत की मांग संबंधी शिकायत इंस्पैक्टर मुलख राज विजीलैंस ब्यूरो अमृतसर पास की।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इंस्पैक्टर मुलख राज विजीलैंस ब्यूरो यूनिट अमृतसर ने सुखबीर सिंह शिकायतकर्ता के ब्यान के आधार पर बनती धाराओं के तहित मुकदमा नंबर 9 तिथि 22-4-2016 अ?घ 7, 8 13 (2) पीसी एक्ट 1988 थाना विजीलैंस ब्यूरो रेंज अमृतसर दर्ज करवाया। श्री मुलख राज इंस्पैक्टर पुलिस, विजीलैंस ब्यूरो अमृतसर ने सहित पुलिस पार्टी इंस्पैक्टर विक्रांत सलारीया, ए.एस.आई संदीप सिंह, मुख्य सिपाही तजिंदर बाली , मुख्य सिपाही काबल सिंह, सिपाही गुरविंदर सिंह को साथ लेकर आरोपी जे.ई हरपिंदर सिंह को सामने बिजली घर वेरका में सुनील चायवाले की दुकान पर बुलाया जहां जे.ई. हरपिंदर सिंह को सुखबीर सिंह से बतौर 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ सरकारी गवाह श्री विशाल महिता उप मंडल इंजीनियर जल सप्लाई व सैनीटेशन उप मंडल -3, अमृतसर तथा श्री धरमिंदर सिंह एसडीओ जल सप्लाई व सैनीटेशन उप मंडल रईया, अमृतसर की मौजूदगी में गिरफ्तार किया।
प्रवक्ता ने बताया कि डाक्टर केतन बालीबाम पाटिल, आई.पी.एस, सीनियर कप्तान पुलिस विजीलैंस ब्यूरो रेंज अमृतसर ने अपील की है कि भ्रष्ट कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करवाने के लिए विजीलैंस विभाग को सहयोग दें।

सैक्स के लिए रखे हुए थे कोड

सैक्स के लिए रखे हुए थे कोड

लड़के के लिए लड्डू लड़की के लिए जलेबी 

स्कैनिंग सैंटर वाले ने लड्डू बांटने की तैयारी करने को कहा तो स्वास्थ्य विभाग ने दबोचा

स्वास्थ्य विभाग का पांच दिनों में  दूसरा स्टिंग आप्रेशन

REPORT : Parveen Komal

REPORT : Parveen Komal

पंजाब के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री श्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और लिंग अनुपात दर को घटाने के लिए नई पहलकदमी की है और पंजाब सरकार लड़कियों को बचाने के लिए वचनबद्ध है। इसके चलते ही स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की तरफ से भ्रूण हत्या पर लगाम कसने के लिए हायर की गई जासूसी एजेंसी की मदद से गत रात्रि जिला एसबीएस नगर में दूसरा सफल स्टिंग आप्रेशन किया गया, जिस के बाद प्री-कंसैप्शन एंड प्री-नैटल डायगनोसिटक टैकनीक एक्ट (पीसी-पीएनडीटी) अवमानना करने वाले स्कैनिंग सैंटर बलाचौर के पांच डाक्टरों के खिलाफ पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर लिया गया है। इस तरह का यह दूसरा स्टिंग आप्रेशन जासूस एजेंसी की तरफ से किया गया है। इस जासूस एजेंसी को कुछ दिन पहले ही पंजाब सरकार ने गैर सामाजिक तत्वों की तरफ से नई तकनीक के गलत इस्तेमाल के साथ लिंग निर्धारण टैस्ट करने वालों के खिलाफ जानकारी हासिल करने के लिए हायर किया है। इसी प्रकार का पहला मामला कुछ दिन पहले छेहरटा (अमृतसर) के भारत अस्पताल की महिला डाक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जहां पर भी टीम ने डिकोय को भेजकर लिंग निर्धारण की जांच करने वालों का पर्दाफाश किया था।
श्री सुरजीत ज्याणी ने बताया कि जासूसी एजेंसी की तरफ से दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक डिकोय (महिला) को लिंग निर्धारण टैस्ट करवाने के लिए जिला एसबीएस नगर के बलाचौर में स्थित सूरी स्कैन सैंटर में भेजा गया, जहां पर स्कैनिंग सैंटर द्वारा इस गैर कानूनी टैस्ट के लिए 20000 रुपए की रकम तैय की गई। इस उपरंत महिला का स्कैनिंग सैंटर के डाक्टरों की तरफ से स्कैन कर दिया गया और उसे लड्डू के साथ खुशियां मनाने का इशारा भी दे दिया गया। इसके बाद छापामारी टीम मौके पर पहुंच गई और उक्त डाक्टर को 20000  रुपए के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। यह डाकटर  अल्ट्रासाउंड करने के लिए रजिस्ट्रड ही नहीं थे। छापामारी टीम ने सब डिवीजनल की अथार्टी की तरफ से स्कैनिंग सैंटर को सील कर दिया । सुत्रों के अनुसार स्कैनिंग सैंटर वालों ने कोड तैयार रखे हैं कि अगर लडक़ा हुआ तो लड्डू बांटने को कहते हैं और लडक़ी हुई तों जलेबी बांटने को कहते हैं।
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती विनी महाजन ने बताया कि डायरैक्टर फैमिली वैल्फेयर डा. ऊषा बांसल की सुपरविजन में एसबीएस नगर की सिवल सर्जन डा. मनिंदर मिनहास की अध्यक्षता में टीम को सूरी स्कैनिंग सैंटर में धरपकड़ करने के लिए भेजा गया। टीम में ई.एसडीएच बलाचौर के सीनियर मैडीकल अफसर डा. सुनिल पाठक, तहसीलदार बलाचौर और डिप्टी सुपरीटैंडैंट आफ पुलिस बलाचौर और थाना प्रभारी गुरमुख सिंह बलाचौर शामिल थे।
प्रमुख सचिव बताया ने कि कुछ दिनों पहले ही पीसी-पीएनडीटी एक्ट की अवहेलना करने वालों पर कड़ी नजर रखने के लिए प्रोफैशनल जासूस (डिटैक्टिव) एजेंसी हायर की गई हैं। पिछले पांच दिनों में यह दूसरा सफल आप्रेशन किया गया है। उन्होंने कहा कि जासूसी एजेंसी की मदद से स्वास्थ्य अधिकारियों की तरफ से राज्य भर में लिंग निर्धारण टैस्ट करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और पीसी-पीएनडीटी एक्ट की अवमानना करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसे भविष्य में भी जारी रखा जाएगा।

मत बनाओ हिन्दुओं को निशाना : पाक अखबार

मत बनाओ हिन्दुओं को निशाना : पाक अखबार

Report: Parveen Komal

Report: Parveen Komal

इस्लामाबाद। एक पाकिस्तानी समालोचक ने हिन्दू अल्पसंख्यकों के लिए बेहद आक्रामक और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए एक निजी टीवी चैनल की निंदा की है। पाकिस्तानी दैनिक समाचार पत्र ‘दी नेशन’ में प्रकाशित लेख में कहा गया कि जब कलाकार मजाकिया बनने की कोशिश में हिन्दुओं को कुत्ता कह कर संबोधित कर रहे थे तो दर्शक जोर जोर से हंस रहे थे।

टीकाकार ने कहा कि मैं इसको लेकर आश्चर्यचकित हूं कि कैसे इसके प्रसारण की इजाजत दी गई जबकि लाखों हिन्दू पाकिस्तान में रहते हैं। लेख में कहा गया कि दुर्भाग्यवश पाठ्य पुस्तकों से टॉक शो और आम लोगों तक में हिन्दुओं को अपवित्र या हीन समझने की संस्कृति बनी हुई है। ऐसे लोगों की पसंद को धन्यवाद देता हूं जो हास्य सामग्री के जरिए इस घृणा को जीवित रखे हुए हैं।

हिन्दुओं को निशाना मत बनाओ: पाक अखबार
एक पाकिस्तानी समालोचक ने हिन्दू अल्पसंख्यकों के लिए बेहद आक्रामक और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए एक निजी टीवी चैनल की निंदा की है।
 टीकाकार ने कहा कि नरक की सभी सीमाएं तब टूट जाती हैं जब डोनाल्ड ट्रंप मुस्लिम समुदाय के लिए घृणास्पद टिप्पणी करते हैं। लेख में कहा गया कि मीलों दूर अमेरिका में बैठे नस्लवादियों को लेकर रोने से पहले कुछ आत्म निरीक्षण करना चाहिए कि हमारे देश के लोग जो मुसलमानों के आने के हजारों साल पहले से इस देश में रह रहे हैं उनके साथ हमलोग क्या कर रहे हैं।

इस देश में काफी लोग यह नहीं जानते होंगे, कि जो क्षेत्र आज का पाकिस्तानी गणराज्य है वह हिन्दूवाद की जन्मस्थली है। उस धर्म के अनुयायियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अति अपमानजनक है।

जादू टोना के शक़ में 3 को ज़िंदा जलाया

जादू टोना के शक़ में 3 को ज़िंदा जलाया

Report: Parveen Komal

Report: Parveen Komal

झारखंड के लोहरदगा ज़िले के एक गांव में कथित तौर पर जादू-टोना करने के शक़ में ग्रामीणों ने एक आदिवासी परिवार के घर में आग लगा दी. इस घटना में तीन लोग ज़िंदा जल गए. यह घटना कैरो थाना क्षेत्र के गुड़ी ठेकाटोली गांव की है. मरने वालों में एक पुरूष तथा दो महिलाएं हैं. लोहरदगा के आरक्षी अधीक्षक कार्तिक एस ने बताया है कि इस मामले में गुड़ी पंचायत के मुखिया को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके अलावा 16 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है.

इस घटना में पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद एक व्यक्ति को घर से बाहर निकाला है. जली हालत में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस के मुताबिक गांव वालों को इसका शक़ था कि गोवर्धन भगत जादू टोना करते हैं और बच्चों की कथित तौर पर बलि देते हैं, जबकि जांच पड़ताल में पता चला है कि ऐसा कुछ नहीं है. यह गांव आदिवासी बहुल है. पुलिस के मुताबिक रविवार की रात बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर गोवर्धन भगत के घर को घेर लिया और उन्हें बंधक बना लिया. इसके बाद आग लगा दी. इस घटना में गोवर्धन भगत के साथ उनकी पत्नी की भी मौत हो गई है.

आरक्षी अधीक्षक ने बताया है कि पुलिस जब रात में गांव पहुंची थी, तो ग्रामीण काफी उग्र थे. वे स्थानीय केरो थाने की पुलिस को किसी तरह की कार्रवाई करने से भी रोक रहे थे.

इसके बाद जिला मुख्यालय से आरक्षी अधीक्षक खुद अतिरिक्त पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और बचाव का काम शुरू किया. लोहरदगा के उपायुक्त भी गांव पहुंचे. मौके पर दमकल की गाड़ी भी बुलाई गई.

पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है.

इस बीच लोहरदगा के कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने गांव पहुंचकर हालात का जायज़ा लिया और गांव वालों से किसी तरह की अफ़वाह से दूर रहने की अपील की है.

घटना को अंजाम देने के बाद बहुत से लोग गांव छोड़कर भाग गए हैं, जबकि पुलिस उनकी खोज में जुटी है.

महिला की गोद में बम फूटा, कोर्ट में 3 घायल

कोर्ट में महिला की गोद में बम फूटा, 3 घायल

Report: Parveen Komal

Report: Parveen Komal

Chapra civil court, Bomb blast, Ex MP Uma Shankar Singh, Tripple murder case, Khusboo Patna Cityपटना। बिहार के छपरा सिविल कोर्ट में सोमवार की सुबह करीब पौने नौ बजे एक युवती ने मानव बम विस्फोट किया। बम ब्लास्ट में युवती सहित छह लोग जख्मी हो गए। वारदात के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

विस्फोट करने वाली युवती खुशबू को गंभीर हालत में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया है। अन्य जख्मी लोगों का इलाज छपरा सदर अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में पुलिस तीन लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। विस्फोट करने वाली खुशबू पहले जेल जा चुकी है।

बिहार के सारण जिला मुख्यालय में एक व्यवहार अदालत परिसर में सोमवार को सुबह एक महिला बम ले कर आई और दुर्घटनावश उसमें विस्फोट हो जाने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार राज ने बताया कि खुशबू कुमारी नामक महिला एक मामले में शिकायतकर्ता को निशाना बनाने के इरादे से अदालत परिसर में कथित तौर पर बम ले कर आई थी। दुर्घटनावश यह बम फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

राज ने बताया कि महिला को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) ले जाया गया। विस्फोट में 6 लोग घायल हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि खुशबू कुमारी दो अन्य मामलों में आरोपी है और फिलहाल जमानत पर है।

वह एक मामले के गवाह शशि भूषण तथा अन्य गवाहों को निशाना बनाने के इरादे से अदालत परिसर में बम ले कर आई थी। उन्होंने बताया कि शशि भूषण पूर्व सासंद दिवंगत उमाशंकर सिंह के छपरा स्थित आवास पर वर्ष 2011 में हुई तीन लोगों की हत्या के मामले में शिकायतकर्ता हैं।

क्या करना था बाबा राम देव ने चक्कू छुरिओं का ?

यही गुल खिलना था एक दिन ?

बाबा रामदेव के आश्रम मे मिले भारी मात्रा में हथियार

हरिदवार : बाबा रामदेव के आश्रम से तमंचे व धारदार हथियार भारी मात्रा मे बरामद हुऐ । रामदेव के हरिद्वार स्थित पतंजलि फ़ूड एंड हर्बल पार्क मे ट्रक ड्राइवरों और सिक्योरिटी गार्डो के बीच ज़ोरदार झड़प हुई थी, जिसमे एक ट्रक ड्राइवर की मौत हो गयी थी। दोनों पक्षों में पथराव से कई लोग घायल हो गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने फायरिंग कर दी।बताया जा रहा है कि गोली लगने से दलजीत नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसवाले तैनात हैं। फूड पार्क के अंदर सर्च ऑपरेशन चला और अंदर से चार राइफल- 5 रिवाल्वर , केन के डंडे , गन पाउडर और 12 बोर के कारतूस बरामद हुए । ग्रामीणों ने हरिद्वार-लक्सर मार्ग जाम कर दिया  पुलिस ने ramdev, iit, ramdev in iit, iit ramdev, iit rural programme, baba ramdev, rss, saffronization, latest newsबाबा रामदेव के भाई रामभरत और एक सिक्यूरिटी गार्ड को हिरासत में ले लिया है। उत्तराखंड के हरिद्वार में योगगुरु बाबा रामदेव के पतंजलि फूड पार्क में सुरक्षाकर्मियों और ट्रक यूनियन वालों के बीच बवाल हुआ था .पतंजलि फूड पार्क पदार्था में बाहरी ट्रक यूनियनों द्वारा माल ढुलाई होती है, जिससे स्‍थानीय ट्रक यूनियन काफी नाराज है। कई बार ये यूनियनें इसका विरोध भी जता चुकी हैं। बुधवार को फूड पार्क के ट्रक माल लेकर जा रहे थे कि तभी स्थानीय ट्रक यूनियनों ने पार्क के गेट के पास ट्रकों को रोक लिया और विरोध जताने लगे। यह देख पतंजलि फूड पार्क पदार्था के सिक्यो‌रिटी गार्ड ने उन्हें भगाने की कोशिश की, जिससे स्‍थानीय ट्रक यूनियन के लोग गार्डों से भिड़ गए।  दोनों पक्षों में पथराव हुआ। जिससे कई लोग घायल हो गए हैं। यह देख आसपास के लोग भी स्‍थानीय ट्रक यूनियनों के साथ हो लिए और फूड पार्क के ट्रकों में जमकर तोड़फोड़ की। जिससे लक्सर-हरिद्वार रोड पर जाम लग गया। घटना की सूचना पाकर पुलिस बल मौके पर पहुंची .Ramdev on being caught dressed as a womanसूत्रों की मानें तो इस मामले मे बाबा रामदेव के भाई रामभरत को पुलिस गिरफ़्तार कर चुकी है, इसके बाद पुलिस ने पतंजलि फ़ूड एंड हर्बल पार्क मे छापेमारी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जिसमे भारी मात्रा मे तलवार, भाले व तमंचे बरामद हुऐ. फोकस न्यूज़ के अनुसार फेक्ट्री को पुलिस ने सील कर दिया ।

ऑल इंडिया सिख फाउंडेशन ने हथियारों की बरामदगी पर सवाल उठाए है उनका कहना है कि आश्रम मे हथियार किस लिये रखे जा रहे थे, उन्होंने बाबा रामदेव से सवाल किया कि इतने बड़े जख़ीरे किस समय के लिये तैयार किया जा रहा था।

वेश्या बना दी, अमरीका में कैरियर बनाने पहुंची

वेश्या बना दी, अमरीका में कैरियर बनाने पहुंची 

होटल उद्योग में करियर शुरू करने की उम्मीद के साथ शांद्रा वोवोरुंटु अमरीका पहुँची थीं. लेकिन उन्हें वेश्यावृति, ड्रग्स, हिंसा और सेक्स स्लेव की दुनिया में धकेल दिया गया.

कुछ ही महीने पहले उन्हें मौक़ा मिला कि ऐसा करने वालों को वह बेनकाब कर सकें. कुछ पाठकों को शांद्रा वोवोरुंटु की यह कहानी विचलित कर सकती है, जो उन्हीं की ज़ुबानी दी जा रही है:

मैं जून 2001 के पहले हफ़्ते में अमरीका पहुंची. मेरे लिए अमरीका, सपनों को साकार करने वाला देश था. मैं जैसे ही पहुंची, एक आदमी मेरी तस्वीर के साथ मेरा इंतज़ार कर रहा था, जिसका नाम जॉनी था.

उसने मुस्कराते हुए मुझे आवाज़ दी. मुझे उम्मीद थी कि वह मुझे उस होटल में ले जाएगा जहां मुझे काम करना है. होटल शिकागो में था और मैं न्यूयॉर्क के जेएफ़के एयरपोर्ट पर उतरी थी. यहां से होटल 800 मील दूर था.

मैं तब 24 साल की थी. फ़ाइनांस में स्नातक करने के बाद मैंने इंडोनेशिया में एक अंतरराष्ट्रीय बैंक में एनेलिस्ट का काम किया था.

1998 में एशियाई आर्थिक संकट के कारण इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा और मुझे नौकरी खोनी पड़ी. अपनी तीन साल की बेटी के लिए मैंने बाहर नौकरी ढूंढ़ने की कोशिश शुरू की.

I

जब मैंने अख़बार में अमरीका, जापान, हांगकांग और सिंगापुर के होटल कारोबार में नौकरी का इश्तेहार देखा, तो अमरीका में नौकरी का विकल्प चुना. औपचारिकताएं पूरी हुईं और मुझे नौकरी मिल गई. मैं अमरीका के लिए रवाना हो गई.

तब तय हुआ था कि छह महीने तक बाहर रहकर, मैं हर महीने पांच हज़ार अमरीकी डॉलर के हिसाब से कमाऊंगी. उधर मेरी बेटी को मेरी मां और बहन संभालेंगी.

मैं चार औरतों और एक आदमी के साथ अमरीका पहुंची थी. हमें दो दलों में बांट दिया गया. जॉनी ने मेरे सारे दस्तावेज़ और पासपोर्ट ले लिए. वह मुझे और दूसरी औरतों को अपनी कार तक ले गया. तभी से मुझे कुछ अजीब लगने लगा. ड्राइवर ने एक शॉर्टकट लिया और एक कार पार्क में ले जाकर कार रोक दी.

जॉनी ने हम तीनों को कार से उतरने को कहा और दूसरी कार में दूसरे ड्राइवर के साथ जाने को कहा. हमने वैसा ही किया, जैसा हमें कहा गया. मैंने देखा कि नए ड्राइवर ने जॉनी को कुछ पैसे दिए.

मुझे लगा कि कुछ ग़लत हो रहा है, लेकिन मैंने खुद को समझाया कि चिंता की कोई बात नहीं है.

ड्राइवर हमें ज़्यादा दूर नहीं ले गया और एक ढाबे के बाहर कार रोक दी. यहां फिर से हमारी गाड़ी और ड्राइवर बदले गए और पैसों का लेनदेन हुआ.

इस तीसरे ड्राइवर ने हमें एक घर तक पहुँचाया. वहां फिर से हमें एक ड्राइवर को सौंप दिया गया. चौथे ड्राइवर के पास एक पिस्तौल थी. उसने हमें जबरन एक कार में बैठाया और ब्रुकलिन में एक घर ले गया.

वहां उसने दरवाज़े से ही आवाज़ लगाई, “मामा-सान नई लड़की”. अब मुझे डर लगने लगा क्योंकि मैं जानती थी कि ‘मामा-सान’ वेश्यालय की मालकिन को कहा जाता है. लेकिन बंदूक़ के डर से मैं खामोश रही.

दरवाज़ा खुला तो मैंने 12-13 साल की एक लड़की को नीचे फ़र्श पर चीख़ते देखा. उसे कुछ मर्द लातों से मार रहे थे. उसकी नाक से ख़ून निकल रहा था.

उसमें से एक आदमी मेरे सामने बेसबॉल बैट दिखाते हुए, दांत पीस रहा था और धमकी दे रहा था. इस तरह अमरीका पहुँचने के कुछ ही घंटे बाद मुझे सेक्स के लिए मजबूर किया गया.

इसी दिन मेरी मुलाक़ात फिर जॉनी से हुई. उसने जो कुछ हुआ था, उसके लिए माफ़ी मांगी और कहा कि यह सब भारी ग़लती के कारण हुआ.

उस दिन आईडी कार्ड बनवाने के लिए हमारी तस्वीरें ली गईं और हमें यूनिफ़ार्म ख़रीदवाने ले जाया गया. जहां ले जाया गया था वो अंडरगार्मेंट्स की दुकान थी. वहां कोई यूनिफ़ॉर्म नहीं थी.

मुझे लगा कि मुझसे फिर झूठ बोला गया है. अब मैं बहुत डर गई थी. मैं किसी को अमरीका में जानती भी नहीं थी और अपने साथ इंडोनेशिया से आई दो लड़कियों को अकेले नहीं छोड़ना चाहती थी. मगर मुझे यह अनुभव हो रहा था कि हम मानव तस्करी का शिकार हुए हैं.

अगले दिन हमारे ग्रुप को बांट दिया गया और उसके बाद मैं उन दोनों महिलाओं से बहुत ज़्यादा नहीं मिल पाई. मुझे कार से ले जाया गया. मगर शिकागो नहीं बल्कि एक अन्य जगह जहां मेरे तस्करों ने मुझे सेक्स के लिए मजबूर किया.

तस्कर इंडोनेशियाई, ताइवानी, मलेशियाई, चीनी और अमरीकी थे. उनमें से केवल दो ही अंग्रेज़ी बोलते थे. मुझे यह देखकर और घबराहट हुई कि उनमें से एक के सीने पर पुलिस का बैज लगा था. मुझे नहीं पता कि वह असल पुलिसवाला था या नहीं.

उन्होंने मुझे बताया कि मैं उनकी 30 हज़ार डॉलर की क़र्ज़दार हूँ और यह क़र्ज़ हर बार किसी शख़्स के साथ सोने पर 100 डॉलर के हिसाब से उतरेगा. इसके बाद कई हफ़्तों और महीनों तक मैं कई चकलाघरों, अपार्टमेंट की इमारतों, होटलों और कसीनो में भेजी जाती रही.

किसी भी जगह मैं शायद ही दो दिन से ज़्य़ादा रही होऊंगी. इन चकलाघरों में कोकीन, क्रिस्टल मेथ और दूसरे नशे के पदार्थ रहते थे और वो तेज़ म्यूज़िक और रोशनी में नहाए होते थे. मेरे तस्कर मुझे पिस्तौल दिखाकर ड्रग्स लेने को कहते, ताकि मेरे लिए यह सब सहन करने लायक बन जाए.

दिन के 24 घंटे हम लड़कियां पूरी तरह नग्न हालत में बैठी रहतीं और ग्राहकों के आने का इंतज़ार करती रहती थीं. अगर कोई नहीं आता तो हम सो जाती थीं. कभी-कभी तस्कर ही हमसे बलात्कार करते थे. इसलिए हमें हमेशा सावधान रहना पड़ता था. कुछ भी तय नहीं था.

मगर ख़तरे के बारे में आगाह रहते हुए भी मैं मानो सुन्न हो गई थी, रो नहीं पाती थी. उदासी, ग़ुस्सा और हताशा से भरी हुई. मैं बस जीने की कोशिश कर रही थी.

वो मुझे कैंडी कहकर बुलाते थे. तस्करी का शिकार सभी औरतें एशियाई थीं. हम इंडोनेशियाई महिलाओं के अलावा ये महिलाएं थाईलैंड, चीन और मलेशिया की थीं. हालांकि वहां और भी महिलाएं थीं जो सेक्स दास नहीं थीं. वो वेश्याएं थीं जो पैसा कमाती थीं और लगता था कि कहीं भी जाने के लिए आज़ाद थीं.

मैं एक डायरी भी रखती थी, जिसे मैं बचपन से लिखती आई थी. इंडोनेशियाई, अंग्रेज़ी, जापानी और कुछ संकेतों के साथ मैं इसमें लिखती थी और जो मेरे साथ घटता था उसे रिकॉर्ड करने की कोशिश करती थी. मैं तारीखें भी दर्ज करती चलती थी.

मेरा दिमाग़ हमेशा भागने के बारे में सोचता रहता था मगर ऐसे मौक़े बहुत कम थे. कई दिन बाद मुझे अपनी कहानी इंडोनेशियाई कंसल्टेंट को सुनाने का मौक़ा मिला और मेरे वापस जाने का रास्ता साफ़ हो सका.

मगर जो बात मैंने शिद्दत से महसूस की, वो ये थी कि लोग तस्करी की शिकार महिलाओं को वेश्या की तरह देखते हैं. वे उन्हें पीड़ित नहीं बल्कि अपराधी की तरह देखते हैं.

PM Modi to launch Agri ePortal today

PM Modi to launch Agri ePortal today, could

this be Amazon of farming world?

National Agriculture Market (NAM) would offer a common marketplace by providing real time prices across the country to the participants and create an efficient trading system for agri-produce, enabling transparency and better price discovery.

Agri ePortalNational Agriculture Market (NAM) would offer a common marketplace by providing real time prices across the country to the participants and create an efficient trading system for agri-produce, enabling transparency and better price discovery.
Indian agriculture is characterised by fragmented farms, fragile infrastructure, significant control of intermediaries, and extreme dependence on weather. Archaic laws which were setup in the 1950s with socialistic intent and to ensure fair markets do not help either. This creates a market that lacks information transparency and poses restrictions on sales and movement of goods, leading to high control and manipulation by intermediaries, increasing the cost of the transaction, and delivers low value for the producers or farmers.

The Union Budget 2016 has set an audacious goal of doubling farmers’ average income in the next 5 years. The announcement of a unified national agriculture market e-Portal in the Union Budget is a very important step towards this. As per a government notification in December 2015, this unified e-platform aims to connect up to 250 Agri mandis across the country by September 2016, and up to 585 mandis by March 2018.

National Agriculture Market (NAM) would offer a common marketplace by providing real time prices across the country to the participants and create an efficient trading system for agri-produce, enabling transparency and better price discovery. This draws inspiration from initiatives like Karnataka governments Rashtriya e-Market Services (ReMS) and ITC’s eChaupal. The first few states expected to participate in this scheme are Gujarat, Maharashtra, Telangana, Jharkhand, and Chhattisgarh.

This e-Portal can be the Amazon of the agricultural world and create significant opportunities for agri-producers and food procurers. Knowledge sharing on the platform can be helpful to increase farm productivity and manage risk, increase transparency for price discovery and reduce sales barriers. The platform can also be expanded to provide farm insurance, derivative trading for hedging, marketplace to procure inputs for farming like seeds, fertilisers etc., enhance farming inputs using weather forecasts and locational satellite imagery that provides inputs on weed formation, moisture etc. However the road to success will not be easy. There are a number of challenges that need to be handled to make this successful.

The easier ones are like providing basic infrastructure, electricity, internet connection and a multilingual platform. However the big challenges are:

Limited infrastructure and financing options – Even after creation of a digitally enabled market, farmers may not be able to effectively use it because they still rely on middle men for financing, assaying, transportation etc and therefore have to sell produce to them rather than in an open market. This requires significant support to enhance funding channels and integrate these with the platform. It also requires creation of storage and processing facilities close to the producers. This accompanied by negotiable warehouse receipts (NWRs) can increase the ability of farmers to store and sell at the right time, reduce wastage, and leverage their produce for financing rather than getting caught up in distress sales. Easing of laws for accreditation of warehouses, granting infrastructure status, treating these as mandis, and allowing electronic NWRs will help in addressing these concerns. It will also play an important role in bridging the current warehousing capacity gap and expedite the adoption of modern techniques for processing and NWRs handling. Along with these, making payments seamless on online as well as offline platforms will ease flow of money and enable farmers to use appropriate leverage.

Agriculture has been a state issue and center has limited control over it. Therefore the first prerequisite is to amend the individual state level APMC acts before states can join this platform. Even after that, a lot of rationalisation of state laws will be required to make this platform work across states smoothly. This may take time but at least till then if this can be used within states, the stakeholders can reap benefits of a partially unified and transparent market.

The challenges mentioned above are only initial hiccups which can be handled by ensuring collaboration between state, central, and local agencies. The e-portal will certainlyFbring a lot of efficiency and transparency to the market in the long run, a much needed reform for the Indian agriculture sector.