सलमान खान की जमानत याचिका मंजूर हुई

रिपोर्ट : परवीन कोमल 9876442643

जयपुर, जोधपुर कोर्ट में सलमान खान की जमानत पर सुनवाई के बाद सेशंस कोर्ट के जज रवींद्र जोशी  ने उनकी जमानत  मंजूर करते हुए 25-25 हजार के दो मुचलके भरने का आदेश दिया है । मामले की सुनवाई से पहले सत्र न्‍यायाधीश रविंद्र कुमार जोशी और सलमान को सजा सुनाने वाले सीजेएम देव कुमार खत्री के बीच चैंबर में बातचीत भी हुई।

दरअसल राजस्थान सरकार ने शुक्रवार रात एक साथ 87 जजों के तबादले कर दिए। इनमें जोधपुर सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी भी हैं। उनकी जगह चंद्रशेखर शर्मा को सेशन जज बनाया गया है। इस तबादले के बाद कहा जा रहा था कि सलमान खान की जमानत लटक सकती है और उन्हें अभी कई रातें जेल में काटनी पड़ सकती है।

इस बीच जेल में सलमान की पहली (गुरवार) रात बेचैनी में कटी थी ।बताया गया है कि रात में सोने से पहले सलमान ने उसी जेल में बंद दुष्कर्म के आरोपित ‘कथावाचक’ आसाराम से थोड़ी बात भी की। उल्लेखनीय है कि सलमान को जोधपुर के निकट कांकणी गांव में एक अक्टूबर, 1998 की रात दो काले हिरण की गोली मारकर हत्या करने के अपराध में गुरवार को पांच साल जेल और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई।

सरकारी वकील की दलील

बिश्नोई समाज के वकील महिपाल बिश्नोई ने बताया कि क्योंकि यह मामला लंबे समय से चल रहा है। ऐसे में सरकारी वकील की तरफ से सेशंस कोर्ट में दलील दी गई कि सीजेएम कोर्ट के रिकॉर्ड भी देखने होंगे। ऐसे में जमानत को एक दिन टालने में इस दलील को अहम माना जा रहा है।

सलमान के वकील की दलील
वकीलों ने कहा कि अन्य आरोपियों की तरह सलमान खान को भी संदेह का लाभ मिलना चाहिए। इसके अलावा उनके वकील का कहना था कि इस फैसले को आने में 20 साल का समय लगा, ऐसे में उनके ये 20 साल भी सजा से कम नहीं थे। सलमान के वकीलों ने कोर्ट में पेश हुए गवाहों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे भरोसे के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सलमान के कमरे से हथियार नहीं मिले हैं, साथ ही उनकी जिप्सी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

सलमान के वकील को धमकी

कोर्ट जाने से पहले सलमान के वकील महेश बोड़ा ने दावा किया था कि उन्हें धमकी मिल रही है। बोड़ा ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी भरे कॉल और मैसेज आए। इसके बावजूद वह सलमान के केस से जुड़े रहेंगे।

चार स्तरीय सुरक्षा घेरा
सलमान को जिस बैरक नंबर दो में रखा गया है, वहां का सुरक्षा घेरा चार स्तरीय है। यहां तक किसी अन्य व्यक्ति की पहुंच नहीं होती। बताया गया है कि इस बैरक में सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण लोगों को ही रखा जाता है।

आसाराम ने ऑफर किया टिफिन, पर नहीं खाया

जोधपुर की सेंट्रल जेल में कैदी नंबर 106 यानी सलमान ने पहली रात (गुरवार) काफी बेचैनी में काटी। वह रातभर अपनी बैरक में टहलते रहे, कभी खड़े होते तो कभी बैठ जाते।  सुबह करीब साढ़े तीन बजे नींद आई और आठ बजे जग गए। शुक्रवार सुबह चाय के साथ मीठा दलिया खाया। लेकिन दोपहर में सामान्य कैदियों वाला भोजन लेने से इनकार कर दिया।

सलमान की बहन अलवीरा ने गुरवार को जेल की कैंटीन में 400 रपए जमा कराए थे। इनसे ही शुक्रवार को ब्रेड और बटर मंगाकर खाया।  हालांकि, पास की ही बैरक में रह रहे आसाराम ने अपना टिफिन ऑफर किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। कोर्ट की अनुमति से आसाराम का भोजन उनके आश्रम से आता है।  आसाराम और सलमान का बाथरूम एक ही था , जिसमें मिट्टी का एक मटका और लोटा रखा हुआ है। जमीन पर बिछाने के लिए एक दरी और चार कंबल दिए गए थे और हवा के लिए एक पंखा था।  उन्होंने सामान्य कैदियों वाले कपड़े पहनने से भी इनकार कर दिया था। अब जमानत मिलने के बाद उनके प्रशंसक खुशी से झूम रहे हैं और जश्न मनाना शुरू हो चुका है ।


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