राम जी के बन्दर बने ‘मुसलमान भाई’ अयोध्या की शोभायात्रा में

राम जी के ‘मुसलमान भाई’ अयोध्या की शोभायात्रा में बन्दर बने

जहाँ बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद अयोध्या में काफी देर पहले तनाव का माहौल था  वहां अब स्थिति खुशगवार है .

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दिवाली के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा में सबसे आगे  पांच मुसलमान भाई चल रहे थे.

इन्होंने भगवान राम की सेना के वानरों का रूप धर रखा था.

पांच किलोमीटर की शोभायात्रा के दौरान लोगों ने इन पांचों भाइयों पर पुष्पवर्षा की और उनके पांव छूकर आशीर्वाद लिया.

इन पांचों भाइयों में से एक फरीद ने अख़बार को बताया

कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से रामलीला का हिस्सा रहा है लेकिन उन्हें अयोध्या पहली बार बुलाया गया है.

उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यक्रम ‘अयोध्या दीपोत्सव’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई मंत्री शामिल हुए.

कार्यक्रम के आयोजकों ने 1.71 लाख दिये जलाए जाने का दावा किया है.

दिवाली पर हर तरफ आतिशबाज़ी होती है.

दिल्ली एनसीआर में इस साल दिवाली के मौके पर पटाख़ों की बिक्री पर रोक लगी है

पिछली शताब्दी की शुरुआत में लुडलो केसल की दिवाली कुछ इस तरह मनायी जाती थी, मानो वो क्रिसमस के आने की सूचना दे रही हो.

वहां पूजा, अगरबत्तियों के धुंए और खील-बताशा तो नहीं होते.

जानिए दिवाली के बारे में सब कुछ 

लेकिन गुजरिया (हाथ और सिर पर दीये लिए मिट्टी से बनी महिला) होती थी,

क्योंकि यह सात बार विवाहित उस महिला की याद दिलाती थी जिसने कुएं पर प्यासे यीशु को पानी पिलाया था.

ये महिला ठीक उसी तरह दोनों हाथों को जोड़ कर पानी पीती नज़र आती, जैसे आज भी इस शहर की पुराने बासिंदे प्याउ या सबील पर पिया करते हैं.

पुरानी कहानियों के मुताबिक, साहिब के लिए गुजरिया गुड़िया नहीं थी और न ही वो उसकी पूजा करते थे, लेकिन एक प्रतीक के रूप में इसके और इस त्योहार के वो आदि हो चुके थे.


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