डी एस पी सन्धु की मौत-कत्ल या खुदकुशी

रिपोर्ट : परवीन कोमल 9876442643

डीएसपी बलजिंद्र संधू की गोली लगने से हुई मौत का रहस्य एक अबूझ पहेली बन गया है । बताया गया है कि पंजाबी यूनिवर्सिटी के जैतों स्थित कैंपस में से कुछ दिन पूर्व पुलिस ने 2 छात्रों और एक छात्रा को एतराजयोग हालत में बस स्टैंड से पकड़ कर समझाया था इससे गुस्साए कुछ लोगों ने इस घटना को राजनीतिक रंगत देते हुए एक संगठन के साथ मिलकर सोमवार को थाने के बाहर प्रदर्शन किया. कहा जाता है कि इस दौरान डीएसपी बलजिंद्र संधू मौके पर पहुंचे थे.लेकिन वहां मौजूद कुछ मर्द औरतों ने उनपर धक्का मुक्की करते हुए बेहद बदतमीजी से इस तरह के झूठे और गलत आरोप लगाए जिन्हें सच्चे सुच्चे और ईमानदार डी एस पी बर्दाश्त नहीं कर सके और वहां हुई गर्म बहस और नारेबाजी से उग्र हुए माहौल का नतीजा उनकी दर्दनाक मौत के रूप में निकला।

आजकल आम देखने मे आता है कि कुछ बेशर्म किस्म के नौजवान लड़के लड़कियां सार्वजनिक स्थानों पर एतराजयोग हरकतें करते देखे जाते हैं और जब आम जनता की शिकायत पर पुलिस अधिकारी उनकी काउंसलिंग करते हैं तो उन बच्चों के अभिवावक अपने बच्चों को समझाकर लगाम लगाने की बजाय पुलिस पर ही दोषारोपण करते हैं और प्रेशर ग्रुप बनाकर अमन कानून लागू करने वाली मशीनरी को जलील करते हैं और अपने लड़के लड़कियों की करतूतें छुपाने के लिए ऐसी ऐसी घटिया बातें करते हैं जिन्हें सहन करना भी कई दफा बर्दाश्त से बाहर हो जाता है। निरंकुश टी वी चैनलों पर चल रहे घटिया,उकसाऊ और स्वच्छन्द सीरियलों ने समाज को प्रदूषित करने में पूरा योगदान डाला है । डीएसपी बलजिंद्र सन्धु गोली कांड इसी तरह के घटनाक्रम का नतीजा है और इसके लिए जिम्मेवार छात्रों को बगैर उम्र और लिंग का लिहाज़ किये दण्डित किया जाना ही चाहिए ताकि समाज से इस तरह का नँगा प्रदूषण काबू में लाया जा सके । ये जांच का विषय है कि डी एस पी ने आत्महत्या की या भीड़ में से किसी शरारती ने उनके सर्विस रिवाल्वर को मिसहैण्डल किया ।


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