Budget 2017 :सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका,1 फरवरी को ही होगा पेश बजट

 

बजट पेश करने के खिलाफ दाखिल याचिका

बजट पेश करने के खिलाफ दाखिल याचिका   budget_650x400_51485165774नई दिल्ली: केंद्र सरकार के 1 फरवरी को बजट पेश करने के खिलाफ

दाखिल याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

कोर्ट ने कहा है कि केंद्र का बजट केंद्रीय होता है

इसका राज्यों से कोई लेना-देना नहीं है. आप ये भी नहीं बता पाए

कि यह कौन से कानून या संविधान के प्रावधान का उल्लंघन है.

कोर्ट ने कहा- याचिकाकर्ता एक उदाहरण देकर बताए कि केंद्र के बजट से

किसी राज्य के नागरिक के मन में चुनाव के हिसाब से क्या असर पड़ सकता है?

ऐसे तो आप कहेंगे कि राज्य के चुनाव हैं तो केंद्र सरकार ही नहीं होनी चाहिए

क्योंकि इससे लोगों के मन में यह होगा कि इसी पार्टी की केंद्र में सरकार है

और इस पार्टी को वोट देंगे तो राज्य को फायदा होगा.

ऐसे ही बजट को आगे बढ़ाते रहे तो बजट कब आएगा.

हर महीने राज्यों में चुनाव आते रहेंगे.

पिछली सुनवाई में CJI खेहर ने याचिकाकर्ता से सवाल किया था कि

आप बताइए कि सरकार ने इस मामले में कौन से कानून का उल्लंघन किया है?

संविधान के कौन से प्रावधान का उल्लंघन है?

आप इस बारे में तमाम तैयारी कर कोर्ट को बताएं. अगर हमें कोई ग्राउंड मिलता तो नोटिस जारी कर सकते थे.

वकील ML शर्मा ने याचिका में कहा है कि कानून के हिसाब से बजट नए वित्तीय सत्र में होता है.

पांच राज्यों में चुनाव होने हैं इसलिए सरकार को 1 फरवरी को बजट पेश करने से रोका जाए.

उल्लेखनीय है कि विपक्षी दलों ने भी 1 फरवरी को बजट पेश किए जाने का विरोध किया.

उनका कहना था कि लोकलुभावन बजट पेश करके केंद्र चुनावों पर असर डाल सकता है  इसलिए बजट  को 1 फरवरी के बाद पेश किया जाना चाहिए.

इनकम टैक्स छूट सीमा तीन लाख रुपये हो सकती है

income-tax-625-300_625x300_61469253480नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद से लगातार इस बाबत उम्मीदें बलवती होती रहीं कि इनकम टैक्स (आयकर) में छूट के लिए सरकार उपाय करे.

पिछले वित्तीय वर्ष में पेश किए गए बजट में ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया

लेकिन संकेत जरूर दिए गए थे.

आगामी केंद्रीय बजट 2017 को लेकर भी जानकारों की राय है कि सरकार इनकम टैक्स की छूट जोकि अभी ढाई लाख रुपए है,

को बढ़ाकर तीन से साढ़े तीन लाख रुपए कर सकती है.

इसी कड़ी में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शोध रिपोर्ट ‘ईकोरैप’ आई है

जिसके मुताबिक, सरकार नोटबंदी के बाद बने हालात को देखते हुये अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए प्रत्यक्ष करों में व्यापक फेरबदल कर सकती है.


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