हनी ट्रैप – बुलबुल का जाल

2Q

दुनिया के तमाम देश अपने दुश्मन का राज जानने

दुनिया के तमाम देश अपने दुश्मन का राज जानने के लिए नए-नए हथकंडे आजमाते रहते हैं।

क्योंकि लड़ाई सिर्फ सरहद पर ही नहीं होती, दुश्मन के घर में सेंध लगाकर अहम जानकारी जुटा लेना भी लड़ाई का अहम हिस्सा होता है।

एक बार दुश्मन देश से जुड़ा कोई अहम दस्तावेज या खुफिया जानकारी हाथ लग जाए

तो उसके खिलाफ रणनीति बनाना बेहद आसान हो जाता है।

और ये काम एक महिला जासूस से बेहतर कौन कर सकता है।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी इन दिनों भारत के खिलाफ इसी हथियार का इस्तेमाल कर रहा है।

जिसे कहा जाता है- हनी ट्रैप।

हाल-फिलहाल की दो घटनाओं से साफ हो गया है कि आईएसआई से जुड़ी महिलाएं फेसबुक पर भारतीय सेना के जवानों से दोस्ती गांठ रही हैं।

फेसबुक पर हुई इस दोस्ती में कभी भी सामने वाले की असलियत साफ नहीं होती।

फेसबुक पर हुई ये दोस्ती कई बार प्यार और शादी की दहलीज तक पहुंच जाती है।

जिसे कहा जाता है- हनी ट्रैप

कहते हैं इंसान की सबसे बड़ी सच्चाई उसकी पहचान होती है,

लेकिन हनी ट्रैप की असली पहचान कभी जाहिर ही नहीं होती।

हनी ट्रैप के मिशन पर निकली महिला दोस्ती की आड़ में न सिर्फ जानकारियां हासिल करती है बल्कि कई बार अहमth दस्तावेज भी उनके हाथ लग जाते हैं।

कई मामलों में महिला सिर्फ लच्छेदार बातों का ही सहारा नहीं लेती बल्कि अपने शिकार को ब्लैकमेल भी करती है।

अगर शिकार की कोई आपत्तिजनक तस्वीर या खास बातचीत की कोई डिटेल हाथ लग जाए तो उसे जगजाहिर करने की धमकी भी दी जाती है।

बदनाम होने के डर से वो शख्स अहम से अहम राज भी उगल देता है।

कांगड़ा और हैदराबाद के केस में फेसबुक के जरिए दोनों जवानों को जाल में फांसा गया।

बातों-बातों में उनसे अहम राज निकाले गए और जब बात नहीं बनी तो पैसे देने का लालच भी दिया गया। इन मामलों में शिकार को इस बात का इल्म काफी वक्त बाद होता है कि वो हनी ट्रैप में फंस चुका है।


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