अलवर गैंगरेप: जुर्म के लिए चुन रखा था सटीक ठिकाना, बस शिकार की तलाश थी

अलवर में जिस जगह गैंगरेप हुआ वह इतनी वीरान है कि वहां से मदद के लिए लगाई गई गुहार किसी को नहीं सुनाई देगी। इसी इलाके में एक खंडहर इमारत में अपराधियों ने अपना अड्डा बना रखा था।

गिरफ्तार आरोपी

हाइलाइट्स

  • दोपहर तीन बजे पीड़‍िता के घर से महज दो किलोमीटर दूर हुई गैंगरेप की खौफनाक घटना
  • घटनास्‍थल हाइवे से महज आधा किलोमीटर दूर कंटीली झाड़‍ियों से भरे एक वीरान रेतीले नाले में था
  • यहां से मदद के लिए आवाज भी लगाई जाए तो वह हाइवे या उसके आसपास सुनाई नहीं देती
  • यहां से एक किलोमीटर दूर एक वीरान इमारत में पांचों आरोपियों ने अपना अड्डा बना रखा था

धूप से तपती 26 अप्रैल की दोपहर में 3 बजे एक नव दंपती खरीदारी करने नारायणपुर के लिए निकले। 3:10 पर, उनके घर से महज दो किलोमीटर की दूरी पर उन्‍हें पांच लोगों ने रोका और सड़क से नीचे नाले में घसीटकर ले गए, जहां जबरन उनके कपड़े उतरवाए गए। पति को बेरहमी से पीटा गया और 20 साल की महिला से गैंगरेप किया गया।

मौका-ए-वारदात पर मुख्‍य हाइवे से आधा किलोमीटर नीचे एक सुनसान जगह थी। साफ था, यहां से लगाई गई मदद की गुहार किसी को नहीं सुनाई देगी, उस दिन उस युवा दंपती के साथ भी ऐसा ही हुआ।

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वीरान इमारत थी आरोपियों का अड्डा

धूल भरी वह पगडंडी जहां से इस युवा कपल को नीचे घसीट कर ले जाया गया आगे जाकर एक रेतीले नाले में बदल जाती है। यहां बड़े पैमाने पर कंटीली झाड़ियां उगी हैं जिनके कांटे गैंगरेप पीड़‍िता के पति के शरीर में धंस गए जब कुछ आरोपी उसे टॉर्चर कर रहे थे और कुछ उसकी पत्‍नी का गैंगरेप। यहां से लगभग एक किलोमीटर आगे एक खाली इमारत है जिसमें सभी आरोपी शराब पीने और गुंडागर्दी करते हुए अपना समय बिताते थे। उन्‍हें इस इलाके की पूरी जानकारी थी।

सुनसान रेतीले नाले से मदद की आवाज भी न सुनाई दे नंगी आंखों से जहां तक दिखाई देता है, इस इलाके में हाइवे के दोनों तरफ इसी तरह के रेतीले नाले हैं। गैंगरेप पीड़िता के पिता सख्‍त चेहरे के नीचे अपनी तकलीफ को छिपाए उसी रास्‍ते पर निकलते हैं जहां उनकी बेटी उस दिन उस खौफनाक हादसे का शिकार हुई थी।

गैंगरेप के खिलाफ फूटा गुस्सा

उस जगह जाकर वह कहते हैं, ‘मुझे पता ही नहीं था कि ऐसी जगह भी है। मैं यहां कभी नहीं आया। एक बार आप नाले में गहरे उतर जाइए आपको कोई नहीं देख पाएगा। यहां कोई नहीं आता क्‍योंकि ये रेतीले नाले वीरान पड़े रहते हैं। मैं यहीं पैदा हुआ हूं इसके बावजूद मैं यहां पहली बार आया हूं।’

शिकार की तलाश में थे अपराधी 

जिस समय टाइम्‍स ऑफ इंडिया की टीम वहां मौजूद थी, कुछ ही वाहन वहां से गुजरे। इसे देखकर कोई संदेह नहीं रह जाता कि आरोपियों ने पहले से ही इस अपराध के लिए यह जगह तय कर रखी थी। पीड़‍िता के पिता कहते हैं, ‘यहां आने के बाद मुझे पूरा विश्‍वास है कि इन पांचों अपराधियों ने जुर्म के लिए एकदम सटीक जगह खोज रखी थी बस वे शिकार की तलाश में थे।’

अपराध स्‍थल के आसपास उस ऊबड़-खाबड़ इलाके में केवल कुछ ही मकान हैं वे भी माहौल में छिप जाते हैं। यहां से नारायणपुर की तरफ कुछ दूर चलने पर ही वह वीरान, परित्‍यक्‍त इमारत है जिसे कुछ वर्षों पहले इस हाइवे को बनाने वाला ठेकेदार इस्‍तेमाल करता था। यह वही जगह है जहां आरोपियों ने अपना अड्डा बना रखा था, स्‍थानीय लोगों ने उन्‍हें अकसर यहीं देखा था।

2 मई तक यहीं थे आरोपी 
पीड़‍ित परिवार का कहना है कि वारदात के बाद भी अभियुक्‍त और उनके परिचित 2 मई तक उसी इमारत में देखे गए, लेकिन उन्‍हें किसी ने गिरफ्तार नहीं किया। इस इमारत पर शराब की बिक्री के विज्ञापन लिखे हुए हैं। जब वहां टाइम्‍स ऑफ इंडिया की टीम गई तो अधिकांश लोग इस मामले में बातचीत करने से कतराते दिखे। लेकिन एक शख्‍स ने पीड़‍िता के पिता से कहा कि हिरासत में लिए गए एक आरोपी मुकेश गुज्‍जर को छुड़वा दे क्‍योंकि, ‘उसने तो किसी का रेप नहीं किया महज विडियो शेयर किया था।’ मुकेश को सोशल मीडिया पर रेप का विडियो अपलोड करने के लिए अरेस्‍ट किया गया है।

गांववालों का कहना है कि सड़क का यह हिस्‍सा असुरक्षित होता जा रहा है, यहां छोटी-मोटी लूट और छेड़छाड़ की घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन लोगों के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद भी पुलिस ने न तो यहां नाकेबंदी की है और न सुरक्षा के दूसरे कदम उठाए हैं।


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