पटियाला में राष्ट्रीय ज्योति कला मंच के कार्यक्रम पर चुनाव आयोग का एक्शन

पटियाला में भारतीय चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय ज्योति कला मंच द्वारा प्रशासनिक पाबन्दी के बावजूद करवाये जा रहे अनाधिकृत कार्यक्रम पर रोक लगा दी । 17 मार्च को शाम पांच बजे ये कार्यक्रम सेंट्रल स्टेट लायब्रेरी पटियाला में धूम धड़ाके के साथ होना था और इस के लिए विभिन्न व्यपारियों के बिजनस इश्तिहारों से युक्त रंग बिरंगे दो सफे के वोमेन एरा एवार्ड पास भी बांटे गए थे जिसमे कई सरकारी कर्मचारियों और राजनीतिक नेताओं के नाम भी छापे गए थे। इन पासों के एक कोने में काले अक्षरों में डायरेक्टर का नाम भी छपा था। पास में ऑर्गेनाइजर के तौर पर श्रीमती रेखा मान का नाम छपा था। इस कार्यक्रम में विशाल ज्वेलर के मालिक रंजीत कपूर, डॉक्टर स्वराज सिंह वगैरह को भी गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर बुलाया गया था।

चीफ लाइब्रेरियन श्रीमती कुलबीर कौर,अंग्रेजी अध्यापिका श्रीमती अनु तिवारी, थापर कॉलेज से श्रीमती संगीता गोयल, डीएवी स्कूल नाभा से श्रीमती मीना मेहता, पुडा की सुपरडैन्ट श्रीमती जसपाल कौर, कंप्यूटर टीचर श्रीमती परमजीत कौर, आरबीआई स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती सिमरित खटड़ा, ब्लॉसम स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती बिंदु वैद, सरकारी एलिमेंट्री स्कूल की हेड टीचर श्रीमती रविंद्र पाल कौर, वीर हकीकत राय स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती सरला भटनागर, अध्यापिका श्रीमती गुरप्रीत कौर, डांस की अध्यापक श्रीमती रूबल प्रीत कौर, लाइब्रेरियन श्रीमती डिंपल जैन, चैरिटेबल स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती भूपेंद्र कौर, टीचर श्रीमती रंजना मित्तल, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पटियाला की श्रीमती शीतल,सरकारी महेंद्रा कॉलेज की लैब अटेंडेंट श्रीमती सोनिया सहित कई अन्य महिलाओं के इस प्रोग्राम में शामिल होने का जिक्र करते हुए उनके नामों को भी इस पास में छापा गया था। इस कार्यक्रम के लिए एडवरटाइजमेंट भी इकट्ठे किये गए थे, लेकिन यह पता नहीं कि इन पर जीएसटी की अदायगी की गई थी या नहीं। इन पासों पर प्रशासन द्वारा जारी की गई हिदायत का उल्लंघन भी किया गया था और इन पर प्रिंट लाइन भी नहीं छापी गई थी। आपको बता दें कि इस तरह की प्रिंटेड सामग्री पर प्रकाशक का नाम और प्रिंटिंग प्रेस का नाम छापना जरूरी है ऐसा ना करने की सूरत में 6 महीने की कैद और ₹2000 तक जुर्माना भी हो सकता है।
भारतीय चुनाव आयोग द्वारा संज्ञान लेने के 15 मिनट के बाद ही चुनाव आयोग की टीम जांच के लिए पहुंच गई । प्रसाशनिक अनुमति का उल्लंघन करके करवाये जा रहे इस कार्यक्रम के मुख्य मेहमान को जब पता चला कि कार्यक्रम अनधिकृत तौर पर करवाया जा रहा है तो उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने से इंकार कर दिया। भारतीय चुनाव आयोग की टीम में श्री गगनदीप सिंह और हेड कॉन्स्टेबल अमनदीप सिंह सहित कैमरा टीम भी शामिल थी। इस टीम ने साक्ष्य मिलने पर तुरंत आला अधिकारियों को रिपोर्ट की। भारतीय चुनाव आयोग द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद, सरकारी आदेशों की अवहेलना करके पटियाला के कुछ सरकारी अधिकारियों का नाम इस्तेमाल करके पैसे इकट्ठे करने के लिए ऐसे कार्यक्रम करवाने वालों को एक सबक मिला है जिसके लिए भारतीय चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की की जितनी भी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। ऐसे लोग सरकारी अधिकारियों का नाम ऐसे पासों पर छाप कर लोगों पर रुआब जमा कर पैसा इकट्ठा करते हैं और ऐसे कार्यक्रमों के लिए ना तो सरकार को मनोरंजन टैक्स दिया जाता है और ना ही जीएसटी की अदायगी की जाती है जिससे सरकार को आर्थिक रूप से भी नुकसान पहुंचता है। ये जांच का विषय है कि इस से पहले ऐसे और कितने कार्यक्रम करवाये गए हैं। लोगों की मांग है कि जिस प्रिंटिंग वाले ने बगैर प्रिंट लाइन के ये पास छापे हैं उस पर भी कानूनी कार्रवाई की जाए।


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