नवजोत सिद्धू – बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले

सिद्धू ने माना- यदि मैं राहुल की रैली में बोलने के लिए ठीक नहीं हूं, तो मैं एक वक्ता और प्रचारक के रूप में भी ठीक नहीं हूं

दिल्ली-  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मोगा रैली में मंच पर बोलने न दिए जाने से स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू नाराज हैं। सिद्धू ने कहा, यदि मैं राहुल की रैली में बोलने के लिए ठीक नहीं हूं, तो मैं एक वक्ता और प्रचारक के रूप में भी ठीक नहीं हूं। आगे मुझे बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है या नहीं, लेकिन इस रैली ने मुझे मेरी जगह दिखा दी है। सिद्धू ने कहा, “यह स्पष्ट है, पार्टी के लिए कौन लोग प्रचार करेंगे।”

सिद्धू ने कहा, “साल 2004 में बादल की रैली में भी मुझे बोलने से रोका गया था। उसके बाद यह पहली बार है कि जब मुझे स्पीच नहीं देने दी गई।” सिद्धू ने कहा कि वह बालाकोट हवाई हमले पर पीएम मोदी पर हमला बोलने की तैयारी करके आए थे। लेकिन शायद हाई कमांड को लगा होगा कि अगर सिद्धू ने इस देशभक्ति और पाकिस्तान विरोधी माहौल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बारे में बदतमीजी भरी भाषा इस्तेमाल कर दी तो लोगों में कांग्रेस के प्रति नफरत और गुस्से का वातावरण भी पैदा हो सकता है, इसलिए नवजोत सिंह सिद्धू को इस रैली में बोलने से रोका गया होगा क्योंकि जब नवजोत सिंह सिद्धू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भाषण देते हैं तो वह अपनी सारी हदें और सरहदें पार कर जाते हैं जिससे पूरे देश में नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ एक खीझ और नफरत भरा वातावरण पैदा हो रहा है क्योंकि जिस इमरान खान को भारत के हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई पुलवामा हमले का दोषी मानते हैं उस इमरान खान की शान में नवजोत सिंह सिद्धू अक्सर कसीदे पढ़ते रहते हैं और बालकोट हमले को लेकर भी भारतीय सेना के खिलाफ उटपटांग बातें करते रहते हैं। अगर कांग्रेस की स्टेज से नवजोत सिंह सिद्धू को बोलने दिया जाता तो यह भी हो सकता था कि रैली से लोग उठ कर चले जाते, इसीलिए एहतियातन नवजोत सिंह सिद्धू को राहुल गांधी के मंच से बोलने की इजाजत नहीं दी होगी।
इस रैली का आयोजन मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किया था। उन्होंने कहा कि सीएम ने उन्हें चार वक्ताओं के नाम देने को कहा था इस लिए नवजोत सिंह सिद्धू की जुबान पर लगाम लगाई गई।अब देखना यह है सीनियर वक्ता होने के नाते अपनी हुई इस बेइज्जती का बदला लेने के लिए क्या सिद्ध देश के अन्य भागों में एक प्रचारक के तौर पर जाएंगे या नहीं क्योंकि सिद्धू एक जज्बाती इंसान हैं और उन्हें अपनी बेजती किसी भी तरह पसंद नहीं लेकिन अगर सिद्धू अपने इस जिल्लत भरपूर अपमान को भूल जाते हैं तो शायद दोबारा बाजू लहरा लहरा कर अपनी बेज्जती की गर्द झाड़ कर फिर से स्टेज पर गुरु गुरु करते नजर आए।


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