भारत की ब्रह्मोस से डरे पाकिस्तान ने अभिनन्दन को छोड़ा

विंग कमांडर कैप्टन अभिनंदन की रिहाई से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के तथाकथित शांति संदेश का कोई लेना देना नहीं है। असल में कैप्टन अभिनंदन को छोड़ना पाकिस्तान की और पाकिस्तानी सेना की मजबूरी बन गया था क्योंकि अमेरिका और अरब देशों ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में कह दिया था कि अगर कैप्टन अभिनंदन को रिहा नहीं किया गया तो भारत के हमले के बाद पाकिस्तान को बड़ी तबाही से बचाया नहीं जा सकेगा। घटनाक्रम बहुत तेजी से घटे और लगभग सारे देशों के सेटेलाइट भारत और पाकिस्तान की जमीन पर हो रही गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे ।
F16 के जमीदोज होते ही अमेरिका को पता चल गया था क्योंकि अमेरिका के पास F16 विमानों में लगाए गए विशेष चेतावनी उपकरणों के चलते इसके तबाह होने पर तुरंत सूचना पहुंच गई थी । इसके अलावा अमेरिका के पास यह सिस्टम भी मौजूद है कि वो जब चाहे अपने सिस्टम से F16 जहाजों को लॉक कर सकता है। भारत पर इसके इस्तेमाल से अमरीका गुस्से में था पर उस समय पाक को भारत के गुस्से से बचाना भी जरूरी था। क्योकिं भारत का एक पायलट पाक कब्जे में जाते ही भारत ने बड़ी कार्यवाई के लिये ब्रम्होस मिसाइलें तैयार कर ली थी। प्लान यही था कि पाकिस्तान एयर फोर्स को रात में ही तहस नहस कर दिया जाये। जिसकी भनक अमेरिका को लग गयी। अमेरिका ने तुरन्त पाकिस्तान को चेता दिया कि कब्जे में रखे भारत के पायलट को कोई नुक्सान नहीं होना चाहिये, नहीं तो भारत को रोकना नामुमकिन होगा, और चेताया कि युद्घ की स्थिति में वो F16 के इंजन को लॉक कर देगा। भारत की सम्भावित कठोर कार्यवाई से घबराये खुद जनरल बाजवा ने UAE से बात की ,और उधर अमेरिका ने अरब और रूस से बात की। अरब ने भारत को एक रात रुकने की सलाह दी। अरब ने करीब दोपहर में ही pmo नयी दिल्ली से सम्पर्क साध लिया था और पाक को फटकार लगायी। रूस, अमेरिका ने पाक को समझा दिया कि कल सुबह तक हर हाल में इंडियन पायलट को छोड़ने की घोषणा करे, वो भी बिना शर्त। यही नहीं, भारत से डरे हुए पाक ने चीन से भारत के आसमान पर निगरानी कर रहे उपग्रह से डायरेक्ट लिंक मांगा, जिसे चीन ने मना कर दिया। अन्त में पाक ने टर्की से मदद मांगी। उसने फ़ौरन ही मना कर दिया और पायलट को छोडने को कहा। इधर भारत क्या कर सकता है, इसकी जानकारी के लिये पूरे विश्व के बड़े देशो के उपग्रह भारत पर नजर रख रहे थे। 24 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक रात में, पाकिस्तान के बड़े फौजी अधिकारी घर में बने बन्करों में रहते थे। पाक बिलकुल असहाय था, मोदी जी ने लाचार बना दिया था लेकिन हमारे यहाँ कुछ लोग इमरान खान के मुरीद हुए जा रहे हैं। अगर इच्छा शक्ति की बात की जाए तोो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही इंदिराा गांधी के बााद ऐसे जुझारू नेताा हैं जो खड़े पर निर्णय लेनेे की क्षमता रखते हैं । क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को भलीी-भांति इन सारी बातों का पता था और वह डायरेक्ट सारीी कार्रवाई से जुड़े हुए थे इसलिए वह  एलान कर रहे थे कि जल्दी ही पाकिस्तान की तरफ से  कोई अच्छी खबर आएगी


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