क्या नवजोत सिद्धू के हाथों के तोते उड़ाएगा मुर्दा काला तीतर

Report : Parveen Komal
9876442643

कैबिनेट मंत्री और मजाकिया कलाकार नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान से एक स्टफ्ड काले तीतर की ट्रॉफी लेकर आए थे और ऐलान किया था कि वह यह काले तीतर की खाल में भूसा भर के बुलाई गई ट्रॉफी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को देंगे लेकिन जब यह ट्राफी कैप्टन अमरिंदर सिंह को देने पहुंचे तो कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस ट्रॉफी को लेने से मना कर दिया और कहा कि पहले इसके बारे में जंगली जीवन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्रावधानों के तहत वन्य अधिकारियों से इसकी इजाजत लेंगे। कैप्टन अमरिंदर सिंह एक तजुर्बाकार शख्सियत हैं और उन्हें अच्छी तरह से पता है कि कानून क्या होता है। आपको बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जब इस से पहले मुख्यमंत्री थे तो उस समय जंगली जीवन से सबंधित विभाग ने सिर्फ एक बार इस बात की छूट दी थी कि अगर किसी के पास इस तरह की कोई आइटम हो तो उसे घोषित करके अपने पास रखने की कानूनन इजाजत ले सकता है लेकिन उसके बाद ऐसी चीजों को किसी भी आम खास व्यक्ति के पास रखना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है । इस कानून के प्रावधानों के मुताबिक सिद्धू ने काले हिरण की ट्राफी अपने पास गैरकानूनी तौर पर रखी हुई है जिसके लिए सिद्धू के खिलाफ कानूनी मामला बनता है । इसकी परमिशन मिलना बहुत मुश्किल है ।
भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 भारत सरकार ने सन् 1972 ई॰ में इस उद्देश्य से पारित किया था कि वन्यजीवों के अवैध शिकार तथा उसके हाड़-माँस और खाल के व्यापार पर रोक लगाई जा सके। दंड: (वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की धारा 51)
कोई भी व्यजक्ति जो अध्याय V-अ यानी ट्राफियां या जानवर लेख में व्यापार या वाणिज्य, के किसी प्रावधान का उल्लंघन करता है तो एक अवधि के लिए कारावास जो तीन वर्ष से कम नहीं होगी, तथा जुर्माना भी हो सकता है।
कोई भी व्यकक्ति जो अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंढघन करता है [अध्या्य V-अ (ट्राफियां या पशु लेख में व्यापार या वाणिज्य का निषेध) और धारा 38 जे (जानवर को चिढ़ाने का निषेध) को छोड़कर] या इस अधिनियम के तहत किसी भी नियम का उल्लंकघन करता है, लाइसेंस या परमिट के किसी भी शर्त को तोड़ता है, तो उसे एक अवधि के लिए कारावास जो तीन साल तक बढ़ाई जा सकती है, या अर्थदण्डी जो 25000 तक बढ़ाई जा सकती है, या दोनों हो सकते हैं।
सवाल ये भी पैदा होता है कि आखिर इस गैरकानूनी ट्राफी को नवजोत सिधु को भारत लाने में किन किन अधिकारियों ने मदद की और क्या अब काला तीतर की गैरकानूनी स्टफ्ड ट्राफी रखने के इल्जाम में नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई होगी या उनको वी आई पी और मंत्री होने के नाते इस कृत्य की खुली छूट मिलेगी ।


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