इस्लामी आतंकी संगठन पेश करते हैं सेक्सी लड़कियां जम्मू कश्मीर में-किस्सा ए हनी ट्रैप

सेक्सी हसीनाओं का इस्तेमाल कर इस्लामी  संगठन जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आतंकी बनाने के लिए हनी ट्रैप का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये मुस्लिम लड़कियां  सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को हथियारों की डिलिवरी और घुसपैठ के दौरान आतंकियों की मदद करने को उकसाती हैं। सुरक्षाबलों ने 18 नवंबर को बांदीपोरा से एक महिला को गिरफ्तार किया था, जिस पर सोशल मीडिया पर युवाओं को आतंकी बनने के लिए उकसाने का आरोप था।

सुरक्षाबलों के मुताबिक, सईद शाजिया (30) पर काफी समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी। वह फेसबुक और इस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसके अकाउंट थे। घाटी के हजारों युवा उसे फॉलो भी करते थे। वह युवाओं से वादा करती थी कि अगर उन्होंने बताए गए माल की डिलीवरी कर दी तो वह उनसे मुलाकात करके उन्हें जन्नत की हूरों से भी ज्यादा मज़ा देगी ।

शाजिया पुलिस विभाग के कुछ अफसरों के संपर्क में भी थी। हालांकि, अफसरों ने इसे ‘डबल क्रॉस’ की सामान्य रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि शाजिया सैनिकों के मूवमेंट की जानकारी दे रही थी और उसके जरिए कोई भी संवेदनशील सूचना सीमापार बैठे हैंडलर्स को नहीं भेजी गई। पूछताछ के दौरान शाजिया ने बताया कि घाटी में कुछ और महिलाएं भी हैं, जो युवाओं को आतंकी बनने के लिए उकसा रही हैं। शाजिया के गिरफ्तार होने के एक हफ्ते पहले ही पुलिस ने श्रीनगर से 28 साल की महिला आसिया जान को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 20 ग्रेनेड बरामद किए थे।

पिछले साल सितंबर में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के घाटी चीफ अबु इस्माइल और छोटा कासिम को मार गिराया था। दोनों पिछले साल अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले में शामिल थे। इसमें 8 यात्री मारे गए थे। इसी मामले में सुरक्षाएजेंसियों ने आसिया और शाजिया की निगरानी शुरू की थी। सुरक्षाबलों को मुठभेड़ की जगह से कुछ दस्तावेज मिले थे, जिससे संकेत मिला था कि उत्तरी कश्मीर की कोई महिला ने दोनों आतंकियों तक हथियार और गोला-बारूद पहुंचाए थे।

इस साल अप्रैल में सुरक्षाबलो ने महिला की पहचान सईद शाजिया के तौर पर की। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां उस पर नजर बनाए थीं। जांच में पता चला था कि वह सीमापार बैठे कुछ आतंकियों के संपर्क में है और युवाओं से जान पहचान बढ़ाकर उन्हें आतंकवाद के लिए उकसाती है। शाजिया की गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने घाटी से एक स्पेशल पुलिस अफसर इरफान को गिरफ्तार किया था। वह शाजिया के संपर्क में था और उसे जानकारी दे रहा था। शाजिया जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शेरवान उर्फ अली के संपर्क में थी। वह जैश-ए-मोहम्मद के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम कर रही थी।

पूछताछ में शाजिया ने बताया कि आतंकी गुटों से कुछ और महिलाएं जु़ड़ी हुई हैं। उन्हें कश्मीरी युवाओं को लालच देकर आतंकवाद में धकेलने का काम सौंपा गया है। 17 नवंबर को शाजिया की गिरफ्तारी से करीब एक हफ्ते पहले पुलिस ने 28 साल की आयशा जान को 20 ग्रेनेड के साथ श्रीनगर के बाहरी इलाके लावापोरा से पकड़ा था। यह कार्रवाई आतंकियों द्वारा हथियार व गोला-बारूद की तस्करी किए जाने की सूचना मिलने के बाद की गई थी। आयशा के पास अन्य गोला-बारूद भी मिले थे।


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