आतंकवाद की खिचड़ी में गोपाल सिंह और जनरल बाजवा का तड़का-क्या नवजोत सिंह सिद्धू बिछने से रोकेंगे अलगाववाद का दस्तरखान ?

दो शैतानी मुस्कुराहटें और आतंकवाद की की आहटें

पंजाब के लिए बड़ा खतरा आतंकी जोड़ी

पिछले गुरुवार को भारतीय उच्चायोग से जुड़े दो अधिकारी रंजीत सिंह और सुनील कुमार सिख श्रद्धालुओं से मिलने गुरुद्वारा सच्चा सौदा पहुंचे. तब गोपाल सिंह चावला और उसके गुर्गों ने गुरुद्वारे पहुंचकर, दोनों भारतीय राजनयिकों को अपमानजनक ढंग से गुरुद्वारा परिसर से बाहर जाने के लिए मजबूर किया.

भारत-पाकिस्तान के बीच बनने बनाए जा रहे करतारपुर साहिब गलियारे की नींव बुधवार को पाकिस्तान में रखी गई. इस मौके पर पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा और खालिस्तान समर्थक गोपाल सिंह चावला के मिलने की तस्वीर से एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. गौरतलब है कि पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू भी वहां मौजूद थे और उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वार्निंग भी दी थी कि वहां कुछ ऐसी स्थिति पैदा भी हो सकती है लेकिन सिद्धू नहीं माने और वहां जाकर फिर पाकिस्तानी आर्मी चीफ बाजवा से मिले और सिद्धू के इलावा खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला ने भी पाकिस्तानी आर्मी चीफ बाजवा से जफ्फीबाजी की ।

मुद्दतों खटकती रहेगी यह जफ्फी देशभक्तों को

दरअसल गोपाल सिंह चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक केमेटी का महासचिव है और उसे 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का करीबी माना जाता है. बीते 21 और 22 नवंबर को भारतीय उच्चायोग के राजनयिक अधिकारियों के साथ गुरुद्वारा ननकाना साहब और गुरुद्वारा सच्चा सौदा में बदसलूकी में भी चावला का नाम सामने आया था.

कुछ महीनों पहले पाकिस्तान में हाफिज सईद से चावला की मुलाकात की फोटो भी जांच एजेंसियों के हाथ लगी थी. इससे खालिस्तान समर्थकों के पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से रिश्ते होने की आशंका पुष्ट मानी जा रही है. सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए गोपाल सिंह चावला के भड़काऊ बयान पोस्ट किए जा रहे हैं. साथ ही सोशल मीडिया के जरिए ही लड़कों को खालिस्तान के लिए नियुक्त किया जा रहा है. एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पंजाब में धार्मिक संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता निशाने पर हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली में जांच एजेंसियों की एक बैठक में पाकिस्तान में मौजूद खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला को लेकर कई सूचनाएं साझा की गई थीं. सूत्रों के अनुसार गोपाल सिंह चावला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद के साथ मिलकर पंजाब में आतंक फैलाने की साजिश रच रहा है.

गौरतलब है कि पंजाब के अमृतसर शहर के एक गांव में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. राजासांसी के अदावली गांव के संत निरंकारी भवन में हुए इस ब्लास्ट में 3 लोगों की मौत हो गई. जिसके बाद पंजाब समेत राजधानी दिल्ली, हरियाणा और एनसीआर में हाई अलर्ट है.

देश के बाहर बैठे खालिस्तान समर्थक जो आतंकी साजिश रहे हैं उनमें गोपाल सिंह चावला (पाकिस्तान), हरमित सिंह उर्फ हैप्पी (पाकिस्तान), गुरुजिंदर सिंह उर्फ शास्त्री (इटली में होने  की खबर), गुरुशरणबीर सिंह उर्फ गुरुशरण सिंह वालिया उर्फ पहलवान (ब्रिटेन), गुरुजंटसिंह  ढिल्लों  (ऑस्ट्रेलिया) शामिल हैं. पंजाब के आतंकियों का कनेक्शन पश्चिमी यूपी से होने की बातें भी कही जा रही हैं. इसलिए यूपी पुलिस भी अलर्ट पर है.

एक आतंक दुसरे आतंक से बाबस्ता

अब जबकि पाकिस्तानी आतंकवादी हाफिज सईद और गोपालसिंह चावला की पाकिस्तान की आई एस आई के आका पाकिस्तानी फौज के चीफ बाजवा के साथ पक रही दहशतगर्दी और अलगाववाद की खिचड़ी में उफान जोरों पर है ऐसे समय में अपने मुख्यमंत्री की भी ना सुनने वाले नवजोत सिंह सिद्धू,  कैप्टन अमरेंद्र सिंह के मंत्रिमंडल की सबसे कमजोर कड़ी साबित हो सकते हैं क्योंकि रेफ रण्ड 2020 के चलते पंजाब दोबारा आतंकवाद की आग में जलने के खतरे से दो चार हो रहा है और ये स्थिति पंजाब और पंजाबियों के लिए खतरे की घंटी सिद्ध हो सकती है ।


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