पंजाबी ट्रिब्यून के गुरनाम अकीदा और पूरे परिवार पर भ्रूण हत्या का पर्चा दर्ज

पटियाला से पंजाबी ट्रिब्यून के पत्रकार श्री गुरनाम सिंह अकीदा बहुत बुरी तरह से कानून के शिकंजे में आ गए हैं । उनकी पुत्रवधू हरमनजीत कौर ने एसएसपी फतेहगढ़ साहिब श्रीमती अलका मीणा को शिकायत पत्र दिया था जिस में आरोप लगाया था कि उसके ससुराल वालों ने उसके पेट में लातें ठुड्ढे मार मार कर पेट में पल रहे बच्चे की हत्या कर दी । पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है कि हर मनजीत कौर जो फतेहगढ़ साहब जिले के थाना वडाली सिंह वाला की रहने वाली है ने अपने मायके फोन किया कि उसके अकीदा ससुराल वाले उसको जान से मार देने की नियत से बुरी तरह पीट रहे हैं, जिसके बाद उसके मायके वालों ने सीनियर पुलिस अधिकारियों को फोन किया और उसके बाद एक सीनियर आईपीएस अधिकारी ने पुलिस को मौका ए वारदात पर पहुंचने का आदेश दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो हरमनजीत कौर को मारा पीटा जा रहा था जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित लड़की को उसके ससुर सास पतिदेव और देवर के चंगुल से छुड़वा कर पटियाला के त्रिपड़ी थाना में रपट दर्ज करवाई और हरमनजीत कौर ने फतेहगढ़ साहिब के एसएसपी श्रीमती अलका मीणा को शिकायत पत्र दिया जिसमें फरियाद की गई कि उसके पति की माता के पति और ससुर गुरनाम सिंह अकीदा, सास परमजीत कौर, पति गगनदीप सिंह तथा देवर विवेक वीर सिंह उसको दाज दहेज लाने की मांग करते हुए रोजाना प्रताड़ित करते थे और अक्सर जलील करते हुए बालों से पकड़कर मारा पीटा करते थे । मनजीत कौर गर्भवती थी लेकिन फिर भी उस बेचारी की हालत पर तरस ना खाते हुए हर रोज मारा पीटा जाता था । घटना कर्म वाले दिन हरमनजीत को उसकी सास और सास के पतिदेव ने फिर से दहेज के लिए तंग परेशान करना शुरू कर दिया और उसके पति और देवर ने भी उसको जली कटी सुनाना शुरू की। लेकिन जब उसने कहा कि मेरे मां बाप ने आपको पहले ही बहुत दान दहेज दिया है इसलिए अब तो इतना लालच ना करो,जिस पर उन चारों ने मिलकर हरमनजीत को फिर लात घूंसों और ठुड्डों से मारना पीटना शुरू कर दिया। सास परमजीत कौर और देवर विवेक वीर सिंह ने बाहें पकड़ी बाल पकड़े और पति गगनदीप सिंह और ससुर गुरनाम सिंह अकीदा ने हरमनजीत कौर के पेट में जोर जोर से लाते मारी ठुड्ढे मारे जिससे उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई । सूत्रों के मुताबिक जब हरमनजीत कौर दर्द से तड़प कर पानी मांग रही थी तो मुंह में पानी तक नहीं डाला। इस पूरे घटनाक्रम की वडाली सिंह वाला थाना की पुलिस ने गहराई से जांच पड़ताल की और उसके बाद पूरे मामले को सच्चा पाया गया और पटियाला से पंजाबी ट्रिब्यून के पत्रकार गुरनाम सिंह अकीदा,उनके बच्चों की माता परमजीत कौर, पति गगनदीप सिंह और देवर विवेक वीर सिंह को आईपीसी की धारा 316 के अंतर्गत एफ आई आर नम्बर 87 थाना वडाली सिंह वाला के कर्म क्षेत्र में बुक कर दिया। इन चारों को धर दबोचने के लिए फतेहगढ़ साहिब जिला की पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है लेकिन यह चारों पुलिस के डर से घर से भगोड़े हो चुके हैं। पटियाला और पंजाब की विभिन्न समाजसेवी जत्थे बंदियों गुरनाम सिंह अकीदा एन्ड फैमिली की ऐसी घटिया करतूत की कड़े शब्दों में निंदा की है । दुख की बात यह है कि जब समाज को दिशा दिखाने का दावा करने वाले और आदर्शों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले सज्जन पुरुष ऐसी नीचता पूर्ण हरकतें करें तो प्रश्न पैदा होता है कि अपराधी प्रवृत्ति के लोग भी क्या ऐसे लोगों के आचरण से शिक्षा लेते हैं ? यह बात काबिले जिक्र है कि गुरनाम सिंह अकीदा बड़ी-बड़ी आदर्श पूर्ण बातें अक्सर फेसबुक और सोशल साइट पर करते रहते हैं । पंजाबी ट्रिब्यून के इस होनहार सपूत ने कई बे सिर पैर की किताबें भी लिखी हैं जिनमें से पत्रकार की मौत काबिले जिक्र है। इस किताब में जहां गुरनाम सिंह अकीदा ने अपने आप को उच्चतम दर्जे का संघर्षशील पत्रकार दर्शाया है वहां बाकी पत्रकारों को काफी नीचा दिखाने का भी प्रयत्न किया है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पत्रकार की मौत के बाद अब गुरनाम सिंह अकीदा के द्वारा पत्रकार और उसके परिवार की जेल यात्रा और पत्रकार की ज़मीर की मौत या पत्रकार की पिटाई, के बारे में भी किताब लिखे जाने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो यह किताब गुरनाम सिंह अकीदा की सुपरहिट किताब सिद्ध हो सकती है।


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