दो चुनावों में नेताओं की जायदाद 500% कैसे बढ़ी-सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उन नेताओं के खिलाफ उसकी कार्रवाई पर सूचना का खुलासा नहीं करने के केंद्र के ‘रुख’ पर कड़ी आपत्ति जताई,  
नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उन नेताओं के खिलाफ उसकी कार्रवाई पर सूचना का खुलासा नहीं करने के केंद्र के ‘रुख’ पर कड़ी आपत्ति जताई,  
Report : Parveen Komal 9876442643
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नयी दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उन नेताओं के खिलाफ उसकी कार्रवाई पर सूचना का खुलासा नहीं करने के केंद्र के ‘रुख’ पर कड़ी आपत्ति जताई,

जिनकी संपत्ति दो चुनावों के बीच 500 फीसदी तक बढ़ गई थी.

कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह अदालत के सामने इस संबंध में जरूरी सूचना रखे.

शीर्ष अदालत ने कहा कि एक तरफ तो सरकार कह रही है कि वो चुनाव सुधार के खिलाफ नहीं है लेकिन उसने जरूरी विवरण पेश नहीं किये हैं.

यहां तक कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कोर्ट में जो हलफनामे दिया उसमें दी गई सूचना ‘अधूरी’ थी.

न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने कहा, ‘सीबीडीटी हलफनामे में सूचना अधूरी है.

क्या यह भारत सरकार का रुख है. आपने अब तक क्या किया है?’

बेंच ने कहा, “सरकार कह रही है कि वह कुछ सुधार के खिलाफ नहीं है.

जरूरी सूचना अदालत के रिकॉर्ड में होनी चाहिये.”

अदालत ने सरकार से 12 सितंबर तक इस संबंध में विस्तृत हलफनामा दायर करने को कहा.

सुप्रीम कोर्ट चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान

उम्मीदवारों के आय के स्रोत का खुलासा करने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

इस संबंध में दलीलें अधूरी रहीं और कल भी जारी रहेंगी.

सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से उपस्थित वकील ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव देश के लोकतांत्रिक ढांचे का

अभिन्न हिस्सा है और वे इस संबंध में शीर्ष अदालत के किसी भी निर्देश का स्वागत करेंगे.

उन्होंने कहा, “भारत सरकार स्वच्छ भारत अभियान चला रही है जिसके दायरे में यह क्षेत्र भी आएगा.
यह सिर्फ कचरे की सफाई करने तक सीमित नहीं है. भारत सरकार की मंशा सही दिशा में है.”

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