फोन पर सलाम अम्मी बोलते ही परवेज की खुली हकीकत

फोन पर सलाम अम्मी बोलते ही परवेज की खुली हकीकत

फोन पर सलाम अम्मी बोलते ही परवेज की खुली हकीकत विनीत श्रीवास्तव बनकर परवेज सिर्फ लड़कियों को प्यार का जाल में नहीं फंसा रहा था।

सरकारी नौकरी का झांसा देकर हजारों रुपये भी ले चुका था।

ठगी का अहसास होने के बाद बिहारीपुर की लड़की ने अपने परिवार को पूरा वाकया बता दिया था।

जिसके बाद परिवार के लोग विनीत को ढूंढने लगे।

बुधवार को उन्हें जानकारी मिली कि सिटी स्टेशन के पास एक केएनओपी में विनीत अपने एक साथी के साथ बैठे देखा गया है।

लड़की का भाई अपने दोस्तों के साथ वहां पहुंच गया।

विनीत को पकड़कर रुपये देने का दबाव बनाया तो उसने एक घंटे में रुपये वापस करने का वादा किया।

रुपयों की व्यवस्था के लिए उसने भागलपुर अपने परिवार से बात की। फोन उठते ही युवक  के मुंह से निकला… सलाम अम्मी।

हिंदू पहचान वाले युवक के मुंह से सलाम शब्द सुनकर लोगों ने उससे गायत्री मंत्र पढ़ने को कहा। परवेज इसके बाद फंसता चला गया।

गुस्साये लोगों ने उसको पकड़कर पीट दिया। उसने बताया असली नाम परवेज अहमद है।

जिसके बाद उसको कोतवाली पुलिस के हवाले किया गया।

कहानी ठग की

परवेज की कहानी के मुताबिक 2016 में वह किसी काम से रायबरेली गया था।

वहां स्टेशन पर उसको एक परेशान हाल व्यक्ति मिले।

पूछताछ में उन्होंने बताया कि सामान खो गया है।

उसने बिहारीपुर उनके घर पर बेटी से मोबाइल पर बात कराई।

बेटी ने अपने पिता को ट्रेन में सकुशल चढ़ाने के लिए कहा। परवेज के मुताबिक यह बातचीत विनीत बनकर की गई थी।

इस घटना के बाद मोबाइल पर उसकी बात बिहारीपुर निवासी लड़की से होती रही।

लड़की से मिलने के लिए वह पहले भी बरेली आया। बीती दो सितंबर में बरेली आने के बाद परवेज सिटी स्टेशन के पास किराये पर मकान लिया।

उसने सब्जीमंडी के पास ओम ट्रेडर्स में चलने वाले आइडिया एजेंसी में प्रमोटर की नौकरी भी हासिल कर ली।
बिहारीपुर निवासी लड़की को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।

उसने रेलवे अधिकारियों से अपनी पहचान का भरोसा दिलाया था।

तीन किस्त में करीब 40 हजार रुपये वसूल किए। बिहारीपुर वाली लड़की ने विनीत का परिचय मढ़ीनाथ निवासी सहेली से कराया।

विनीत ने प्यार के जाल में उसको भी फंसा लिया। उसकी योजना बिहारीपुर वाली लड़की को लेकर भागने की थी।

लेकिन लड़की को विनीत की हरकतों पर शक हो गया और उसने परिवार के सामने पूरी बात खोलकर रख दी।

जिसके बाद लड़की का भाई 40 हजार वापस लेने के लिए विनीत को खोजने लगा।

उसको पकड़ने के बाद लड़की के भाई ने भारतीय हिंदू संघ के जिला प्रमुख रजत कश्यप को बुला लिया। विनीत को पकड़ने के बाद कोतवाली में बिहारीपुर निवासी लड़की के भाई ने तहरीर सौंपी है।

परवेज के मंसूबों की हकीकत जानने में जुटी खुफिया इकाईयां

जासूस मो. इजाज उर्फ मो. कलाम भी पंद्रह महीने तक बदले हुए नाम से किराये पर रहकर सैन्य क्षेत्रों की जासूसी करता रहा।

शादियों में वीडियो बनाने की आड़ में उसने त्रिशूल एयरबेस, जाट रेजिमेंट, गरुड़ डिवीजन, आईटीबीपी सहित सैन्य क्षेत्रों की जानकारी जुटाकर पाकिस्तान भेजी थी।

एसटीएफ के ऑपरेशन में मो. इजाज की गिरफ्तारी होने के  बाद कई वीडियो, नक्शें और दस्तावेज बरामद हुए थे।

मो. इजाज पंद्रह महीनों के दौरान कैंट, सुभाषनगर और प्रेमनगर में रहा, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी।

बरेली में इजाज से पहले भी आतंकी साजिशों में संलिप्त रहे लोगों की धरपकड़ हो चुकी है।

ऐसे में भागलपुर के परवेज की गिरफ्तारी ने खुफिया इकाईयों को सक्रिय कर दिया है।

परवेज के बारे में जानकारी जुटाने के लिए टीमों ने भागलपुर, लखनऊ, रायबरेली, फैजाबाद की इकाईयों से भी संपर्क साधा है।

देर रात आईबी और एलआईयू की टीमों ने कोतवाली पहुंचकर परवेज से पूछताछ की।
कही सैन्य ठिकानों की जानकारी तो नहीं जुटाई
उसके पकड़े जाने के बाद सवाल उठता है कि आखिर किन वजहों से वह नाम बदलकर नौकरी करता रहा,

लड़कियों से भी पहचान बदलकर मुलाकात की, सरकारी नौकरी का झांसा देकर रुपये वसूले अब वह सिर्फ लड़कियों को लेकर भागने की फिराक में था या वह भी इजाज की तर्ज पर सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटा रहा था।

घर पर दबिश, संदिग्ध वस्तु नहीं मिली
परवेज के संपर्क में यहां कितने लोग रहे हैं।

पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है।

एक टीम ने सिटी स्टेशन के पास उसके घर पर भी दबिश दी।

तलाशी में हालांकि कोई संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी नहीं है।

अब एजेंसी मेें उसके साथ काम करने वालों सहित संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ होगी।

कहानियों में उलझाता रहा परवेज

पहले भागलपुर से लखनऊ, फिर फैजाबाद से रायबरेली। फिर तीन महीने बरेली।

परवेज की कहानियों में पुलिस भी उलझती रही।

तीन लड़कियों से संबंध सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि परवेज के तार कई अन्य जिलों से भी जुड़ सकते हैं।
मेरे पिता, मुन्ना रंग वाले
भागलपुर (बिहार) के मुजायतपुर थाना गांव मुगलपुरा हुसैनाबाद का रहने वाला परवेज अहमद के पिता मोईनउद्दीन अहमद कपड़ों की रंगाई का काम करते हैं।

परवेज के मुताबिक मुन्ना रंगवाले के नाम से पिता मशहूर हैं।

उसकी मां का नाम अफसाना खातून और भाई जकी अहमद है।

कोतवाली पुलिस ने भागलपुर पुलिस से संपर्क किया है।

उसका आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।

कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज

पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र और सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।

आईबी और एलआईयू की टीमें भी कोतवाली पहुंची।

लंबी पूछताछ की गई।

अब मंगलवार को उसे जेल भेजा जाएगा।


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